मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
कुलार्णव • अध्याय 10 • श्लोक 56
अथ कार्त्तिकमासस्य शुक्लप्रतिपदीश्वरि । स्नात्वाचम्य विशुद्धात्मा न्यासान् कृत्वा पुरोदितान् ॥
कार्तिक में इष्टदेवता का अर्चन हे ईश्वरि! कार्तिक मास की शुक्ल प्रतिपदा को स्नान एवं आचमन उपासना के द्वारा विशुद्धात्मा हो पूर्वोक्त न्यासों को करे।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
कुलार्णव के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

कुलार्णव के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें