शुक्लपक्ष के समान ही कृष्णपक्ष का पूजन भी वैसा ही फलप्रद है। जो विधिपूर्वक इसे करता है, वह सभी कामनाओं को प्राप्त करता है और इस संसार में सभी सुखों का उपभोग कर देवता के समान दर्शनीय होता है तथा योगिनी वीर के सम्मिलन का आनन्द प्राप्त करता है, इसमें सन्देह नहीं।
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