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कुलार्णव • अध्याय 10 • श्लोक 39
कुर्यात् कर्कटके वापि मकरे मिथुनार्चनम् । तुलायां सिंहमेषे वा सर्वसंक्रान्तिषु प्रिये ॥
हे प्रिये! अथवा कर्क, मकर, तुला, सिंह, मेष या सभी (सूर्य) संक्रान्तियों में मिथुनार्चन करे।
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