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कुलार्णव • अध्याय 10 • श्लोक 29
हृल्लेखां गगनां रक्तां महोच्छुष्यां करालिकाम् । इच्छां ज्ञानां क्रियां दुर्गा बटुकञ्च गणेश्वरम् । पूर्ववत् पूर्वमद्याद्यैः पदार्थैः परितोषयेत् ॥
पूर्ववत् १. हल्लेखा, २. गगना, ३. रक्ता, ४. महोच्छष्मा, ५. करालिका, ६. इच्छा, ७. ज्ञाना, ८. क्रिया और ९. दुर्गा - इन नामों से और बटुक तथा गणेश रूप में बालकों का पूजन कर उन्हें मद्यादि पदार्थों से सन्तुष्ट करे।
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