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कुलार्णव • अध्याय 10 • श्लोक 26
नवरात्रं जपेदेकोत्तरवृद्धधा क्रमेण च । नवरात्रकृतां पूजां देवि देव्यै समर्पयेत् ॥
हे देवी! इस प्रकार नवरात्र में एकोत्तरवृद्धि के क्रम से अप करे और नवरात्र में की हुई पूजा देवी को समर्पित करे।
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