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कुलार्णव • अध्याय 10 • श्लोक 24
बटुकं पञ्चवर्षञ्च नववर्ष गणेश्वरम् । गन्यपुष्याम्बराकल्पैर्यथाविभवविस्तरैः ॥
इनके साथ ही पाँच वर्ष के बालक की 'वटुक' रूप में और नौ वर्ष के बालक की 'गणेश' रूप में यथाशक्ति गन्ध, पुष्प, वस्वादि द्वारा पूजा करे।
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