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कुलार्णव • अध्याय 10 • श्लोक 12
स ते लोकमवाप्नोति पुनरावृत्तिवर्जितम् । अकुर्वन् कौलिको मोहाद्देवताशापमाप्नुयात् ॥
ऐसा करने वाला सत्यलोक को प्राप्त होता है, जहाँ से पुनर्जन्म नहीं होता किन्तु जो कौलिक मोहवश पूजा नहीं करता, उसे देवता का शाप लगता है।
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