ज्ञान दो प्रकार का बताया गया है - एक तो आगम से प्राप्त होता है और दूसरा विवेक से। आगम से प्राप्त ज्ञान शब्द ब्रह्मपरक होता है और विवेक से प्राप्त ज्ञान परब्रह्म का निदर्शक होता है।
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