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कुलार्णव • अध्याय 1 • श्लोक 89
नाश्रमाः कारणं मुक्तेर्दर्शनानि न कारणम् । तथैव सर्वशास्त्राणि ज्ञानमेव हि कारणम् ।।
मुक्ति में न आश्रम (चार आश्रम) ही कारण है, न दर्शनों के मनन से ही मुक्ति प्राप्त होती है। उसी प्रकार समस्त शास्त्र भी मुक्ति में कारण नहीं केवल ज्ञान ही कारण है।
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