नाश्रमाः कारणं मुक्तेर्दर्शनानि न कारणम् ।
तथैव सर्वशास्त्राणि ज्ञानमेव हि कारणम् ।।
मुक्ति में न आश्रम (चार आश्रम) ही कारण है, न दर्शनों के मनन से ही मुक्ति प्राप्त होती है। उसी प्रकार समस्त शास्त्र भी मुक्ति में कारण नहीं केवल ज्ञान ही कारण है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
कुलार्णव के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
कुलार्णव के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।