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कुलार्णव • अध्याय 1 • श्लोक 86
अभ्यस्य सर्वशास्त्राणि तत्त्वं ज्ञात्वा हि बुद्धिमान् । पलालमिव धान्यार्थी सर्वशास्त्रं परित्यजेत् ॥
सब शास्त्रों का अभ्यास कर तत्त्व को जानकर बुद्धिमान् व्यक्ति को सभी शास्त्रों को छोड़ देना चाहिये, जिस प्रकार चावल को चाहने वाला भूसी का त्याग कर देता है।
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