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कुलार्णव • अध्याय 1 • श्लोक 77
अन्यथा परमं तत्त्वं जनाः क्लिश्यन्ति चान्यथा । अन्यथा शास्त्रसद्भावो व्याख्यां कुर्वन्ति चान्यथा ॥
परम तत्त्व कुछ और है किन्तु लोग व्यर्थ की बातों से क्लेश पाते है। शास्त्र का सद्भाव कुछ और है किन्तु लोग उसकी भिन्न व्याख्या करते हैं।
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