जीवन में आयु क्षय के कारण अपने वर्ण और आश्रम के आचारों का पालन न करने से, अनुचित रूप से प्रतिग्रह (धन धान्यादि का ग्रहण करने) से और पर स्त्री एवं पराये धन की लालसा करने से आयु का नाश होता है।
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