जरादितिपन्थानं प्रचण्डव्याधिसैनिकम् ।
मृत्युशत्नुमभिज्ञोऽसि आयान्तं कि न पश्यसि
मृत्यु रूप शत्रु भयानक रोगों वाली सेना को लिए हुए आ गया है। जिसका रास्ता बुढ़ापा दिखा रहा है। इसे जान कर भी आप उसकी ओर क्यों नहीं देखते?
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