सनिमज्जज्जगदिदं गम्भीरे कालसागरे।
मृत्युरोगजराग्राहे न किञ्चिदपि बुध्यति ॥
इस मृत्यु, जरा, रोग रूप ग्राहों से युक्त अगाध काल रूप समुद्र में सारा जगत् डूब रहा है फिर भी जीव कुछ भी नहीं समझ पाता।
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