जो प्रारम्भ करने योग्य समय में निष्क्रिय अथवा प्रारब्ध के बल पर निष्क्रिय रहता है, जागने योग्य समय में सोने वाला और जो भय योग्य (इस संसार) में विश्वास (आश्वस्त) करता है वह घातकों के द्वारा क्यों नहीं मारा जायगा अर्थात् असावधान व्यक्ति तो मारा ही जायगा।
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