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क्षुरिक • अध्याय 1 • श्लोक 16
सुषुम्ना तु परे लीना विरजा ब्रह्यरूपिणी। इडा तिष्ठति वामेन पिङ्गला दक्षिणेन च ॥
सुषुम्ना नाड़ी परम तत्त्व में लीन रहती है और बिरजा नाड़ी ब्रह्ममय है। इड़ा का निवास बाईं ओर है और पिङ्गला दाहिनी ओर स्थित है।
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