उस (यक्ष) ने उसके सामने एक तिनका रख दिया और कहा — ‘इसे जला दो।’
अग्नि पूरी गति से उसकी ओर बढ़ा, पर वह उसे जला न सका।
तब वह वहीं से लौट आया और (देवताओं से कहा) — ‘मैं यह नहीं जान सका कि यह यक्ष क्या है।
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