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केन • अध्याय 3 • श्लोक 4
तदभ्यद्रवत्तमभ्यवदत्कोऽसीत्यग्निर्वा अहमस्मीत्यब्रवीज्जातवेदा वा अहमस्मीति ॥
तब अग्नि उस यक्ष के पास गए। यक्ष ने उनसे पूछा—"तुम कौन हो?" अग्नि ने उत्तर दिया—"मैं अग्नि हूँ।" फिर उन्होंने कहा—"मैं जातवेद हूँ" (अर्थात् सब कुछ जानने वाला)
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