स तस्मिन्नेवाकाशे स्त्रियमाजगाम बहुशोभमानामुमां हैमवतीं तां होवाच किमेतद्यक्शमिति ॥
तब इन्द्र ने उसी आकाश में एक अत्यन्त शोभायमान स्त्री को देखा, जो हैमवती उमा(हिमवान् की पुत्री उमा) थीं।
इन्द्र ने उनसे पूछा—"यह यक्ष कौन था?"
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