तब उन्होंने इन्द्र से कहा—
‘हे मघवन् (इन्द्र), तुम यह जानो कि यह यक्ष क्या है।’
इन्द्र ने कहा — ‘ठीक है।’
वह उसके पास गया, लेकिन उसके पहुँचते ही वह (यक्ष) अदृश्य हो गया।
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