उस (यक्ष) ने उसके सामने एक तिनका रख दिया और कहा — ‘इसे उठा लो।’
वायु पूरी गति से उसकी ओर बढ़ा, पर वह उसे उठा न सका।
तब वह वहीं से लौट आया और (देवताओं से कहा) — ‘मैं यह नहीं जान सका कि यह यक्ष क्या है।’
पूरा ग्रंथ पढ़ें
केन के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।