मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
केन • अध्याय 1 • श्लोक 4
यद्वाचानभ्युदितं येन वागभ्युद्यते। तदेव ब्रह्म त्वं विद्धि नेदं यदिदमुपासते ॥
जिसे वाणी व्यक्त नहीं कर सकती, बल्कि जिसके द्वारा वाणी व्यक्त होती है — उसी को तुम ब्रह्म जानो; यह नहीं, जिसकी लोग (सामान्य रूप से) उपासना करते हैं।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
केन के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

केन के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें