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कठरुद्र • अध्याय 1 • श्लोक 8
स्नानं पानं तथा शौचमद्भिः पूताभिराचरेत्। नदीपुलिनशायी स्याद्देवागारेषु वा स्वपेत् ॥
वह अपना स्नान, पान एवं शौच आदि कृत्य पवित्र जल से सम्पत्र करे। नदी के तट पर अथवा देव मंदिर में जाकर शयन करे।
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