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कठरुद्र • अध्याय 1 • श्लोक 39
व्यावृत्तानि परं प्राप्तुं न समर्थानि तानि तु। तद्ब्रह्मानन्दमद्वन्द्वं निर्गुणं सत्यचिद्धनम् ॥
इसलिए परमात्म तत्त्व को प्राप्त करने में ये समस्त इन्द्रियाँ समर्थ नहीं हैं। जो पुरुष उस द्वन्द्वातीत, निर्गुण, सत्यस्वरूप और
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