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कठरुद्र • अध्याय 1 • श्लोक 2
देवा ह वै भगवन्तमब्रुवन्त्रधीहि भगवन्ब्रह्मविद्याम् । स प्रजापतिरब्रवीत् ॥
एक बार समस्त देवगण भगवान् प्रजापति ब्रह्माजी के समीप जाकर बोले - हे भगवन्! आप कृपा करके हम लोगों को ब्रह्मविद्या का उपदेश करें; तब प्रजापति ने कहा-
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