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कैवल्य • अध्याय 1 • श्लोक 27
ॐ सहनाववतु। सह नौ भुनक्तु। सह वीर्यं करवाव है। तेजस्वि नावधीतमस्तु मा विद्विषाव है। ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः।। ॥ इति कैवल्योपनिषत्समाप्ता ॥
ओम! हे परमेश्वर! हम छात्र और शिक्षक दोनों की एक साथ रक्षा करें, हम छात्र और शिक्षक दोनों का एक साथ-साथ पोषण करें, हम दोनों साथ मिलकर महान ऊर्जा और शक्ति के साथ कार्य करें एवं विद्या प्राप्ति का सामर्थ्य प्राप्त करें, हमारी बुद्धि तेज हो, हम एक दूसरे से ईर्ष्या न करें। ॥ इति कैवल्योपनिषत्समाप्ता ॥
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