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कामगीता • अध्याय 1 • श्लोक 10
भूयोभूयो जन्मनोऽभ्यासयोगाद्योगी योगं सारमार्गं विचिन्त्य । दानं च वेदाध्ययनं तपश्च काम्यानि कर्माणि च वैदिकानि ॥
योगी पुरुष अनेक जन्मों के अभ्यास से योग को ही मोक्ष का मार्ग निश्चित करके कामनाओं का नाश कर डालता है। जो इस बात को जानता है, वह दान, वेदाध्ययन, तप, वेदोक्त कर्म,
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