रूप रासि जेहि ओर सुभायँ निहारइ।
नील कमल सर श्रेनि मयन जनु डारइ॥
रूप की राशि श्रीजानकीजी जिस ओर स्वभाव से ही निहारती हैं, उसी ओर मानो कामदेव नील कमल के बाणों की झड़ी लगा देता है।
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