अस सुकृती नरनाहु जो मन अभिलाषिहि।
सो पुरइहिं जगदीस परज पन राखिहि॥
ऐसे पुण्यात्मा राजा मन में जो अभिलाषा करेंगे, उसी को जगदीश्वर पूरा कर देंगे और उनकी प्रतिज्ञा एवं शर्त की रक्षा करेंगे।
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