एक कहहिं भल भूप देहु जनि दूषन।
नृप न सोह बिनु बचन नाक बिनु भूषन॥
कोई कहते हैं —’महाराज तो बड़े अच्छे हैं, उन्हें दोष मत दो, देखो, वचन के बिना राजा और भूषण के बिना नाक भले नहीं होते।'
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