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जानकी मंगल • अध्याय 1 • श्लोक 66
कहहिं एक भलि बात ब्याहु भल होइहि। बर दुलहिनि लगि जनक अपनपन खोइहि॥
कोई कहते हैं—’अच्छी बात है, विवाह अच्छा होगा, यदि वर और दुलहिन के लिये जनक अपनी शर्त छोड़ देंगे।'
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