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जानकी मंगल • अध्याय 1 • श्लोक 56
काकपच्छ सिर सुभग सरोरुह लोचन। गौर स्याम सत कोटि काम मद मोचन॥
उनके मस्तक पर सुन्दर काकपक्ष (जुल्फें) हैं और नेत्र कमल के समान हैं तथा उनकी श्याम-गौर मूर्ति सैकड़ों, करोड़ों कामदेवों के मद का नाश करने वाली है।
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