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जानकी मंगल • अध्याय 1 • श्लोक 42
गौतम नारि उधारि पठै पति धामहि। जनक नगर लै गयउ महामुनि रामहि॥
(मार्ग में श्रीरामचन्द्रजी के चरण-स्पर्श से) गौतम की पत्नी अहल्या का उद्धार करा उसे पतिलोक को भेज दिया और तत्पश्चात् वे महामुनि श्रीरामचन्द्रजी को जनकपुर ले गये।
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