वहाँ राक्षसों के समूह का नाश करके विश्वामित्रजी का यज्ञ पूर्ण करवाया और मुनि-समूहको निर्भय किया। भगवान् के इस सुयश को सारे संसार ने गाया।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
जानकी मंगल के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
जानकी मंगल के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।