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जानकी मंगल • अध्याय 1 • श्लोक 19
राउ कहेउ कर जोर सुबचन सुहावन। भयउ कृतारथ आजु देखि पद पावन॥
तब महाराज ने हाथ जोड़कर सुन्दर सुहावने शब्दों में कहा—’आज आपके पवित्र चरणों को देखकर मैं कृतार्थ हो गया'।
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