राम बिबाह समान बिबाह तीनिउ भए।
जीवन फल लोचन फल बिधि सब कहँदए॥
श्रीरामचन्द्रजी के विवाह के समान ही (अन्य) तीनों विवाह (भी) हुए। इस प्रकार विधाता ने सभी को जीवन का फल और नेत्रों का फल दिया।
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