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जानकी मंगल • अध्याय 1 • श्लोक 184
सिय लघु भगिनि लखन कहुँ रूप उजागरि। लखन अनुज श्रुतकीरति सब गुन आगरि॥
जानकीजी की छोटी बहिन (उर्मिला), लक्ष्मणजी को ब्याही गयी जो रूप के कारण अत्यन्त प्रसिद्ध थी; और लक्ष्मणजी के छोटे भाई शत्रुघ्नजी का विवाह श्रुतिकीर्ति से हुआ, जो सब गुणों की खानि थी।
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