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जानकी मंगल • अध्याय 1 • श्लोक 178
सिय भ्राताके समय भोम तहँ आयउ। दुरीदुरा करि नेगु सुनात जनायउ॥
जिस समय जानकीजी के भाई की आवश्यकता हुई, उस समय वहाँ (पृथ्वी का पुत्र) मंगलग्रह (स्वयं) आया और अपने को छिपाकर सब रीति-रस्म करके अपना सुन्दर सम्बन्ध जनाया।
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