रायँ कौसिकहि पूजि दान बिप्रन्ह दिए।
राम सुमंगल हेतु सकल मंगल किए॥
महाराज दशरथ ने कौशिकमुनि की पूजा करके ब्राह्मणों को दान दिये और श्रीरामचन्द्रजी के कल्याण के लिये सब प्रकार के मांगलिक कृत्य किये।
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