गे मुनि अवध बिलोकि सुसरित नहायउ।
सतानंद सत कोटि नाम फल पायउ॥
(इधर) मुनि (शतानन्द)-ने अयोध्या पहुँचकर सरयू में स्नान किया और सौ करोड़ नाम जपने का फल पाया।
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