लसत ललित कर कमल माल पहिरावत।
काम फंद जन चंदहि बनज फँसावत॥
जयमाल पहनाते समय उनके सुन्दर करकमल ऐसे सुशोभित जान पड़ते हैं मानो कमल कामदेव के फंदे में चन्द्रमा को फँसाते हों।
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