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जानकी मंगल • अध्याय 1 • श्लोक 11
गाधि सुवन तेहि अवसर अवध सिधायउ। नृपति कीन्ह सनमान भवन लै आयउ॥
उसी समय विश्वामित्रजी अयोध्यापुरी गये। महाराज ने उनका बड़ा आदर किया और उन्हें घर ले आये।
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