जब आत्मा का ज्ञान विधिवत प्राप्त हो जाता है तो अज्ञान समाप्त हो जाता है। अज्ञान के पूर्णतः क्षय हो जाने पर आसक्ति तथा स्नेह आदि भी नष्ट हो जाते हैं।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
जाबाल दर्शन के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
जाबाल दर्शन के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।