इस संसार सागर के सुख से इतना विरक्त व्यक्ति उस ज्ञान को प्राप्त कर लेता है जो उसे मुक्ति की ओर ले जाता है। उस ज्ञान के माध्यम से परमात्मा तत्व की प्राप्ति के परिणामस्वरूप सभी प्रकार के सांसारिक बंधन समाप्त हो जाते हैं।
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