भगन्दरं च नष्टं स्यात्सर्वरोगाश्च सांकृते। पातकानि विनश्यन्ति क्षुद्राणि च महान्ति च।।
हे सांकृते! इस प्राणायाम के अभ्यास से भगंदर (फिस्टुला) आदि रोग दूर हो जाते हैं। छोटी या बड़ी सभी प्रकार की बुराइयाँ भी समाप्त हो जाती हैं।
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