मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
जाबाल दर्शन • अध्याय 6 • श्लोक 26
जिह्वया वायुमाकृष्य जिह्वामूले निरोधयेत्। पिवेदमृतमव्यत्रं सकले सुखमाप्नुयात्।।
जिह्वा के माध्यम से हवा को खींचने की प्रक्रिया यह है कि जीभ के माध्यम से खींची गई हवा को जिह्वा के मार्ग पर रोक दिया जाना चाहिए और फिर उसे विधिवत पीना चाहिए। ऐसा करने से व्यक्ति को सभी सुखों की प्राप्ति होती है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
जाबाल दर्शन के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

जाबाल दर्शन के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें