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जाबाल दर्शन • अध्याय 6 • श्लोक 21
विनियोगान्प्रवक्ष्यामि प्राणायामस्य सुव्रत । संध्ययोर्बाह्मकालेऽपि मध्याह्ने वाऽथवासदा ॥
हे सुव्रत! अब हम प्राणायाम के विनियोग (विशेष प्रयोग) तुम्हें बतलाते हैं। दोनों सन्ध्याओं के समय में अथवा ब्राह्ममुहूर्त में या फिर मध्याह काल में
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