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जाबाल दर्शन • अध्याय 4 • श्लोक 8
अलम्बुसा कुरुश्चैव विश्वोदरी पयस्विनी। शङ्खिनी चैव गान्धारा इति मुख्याश्चतुर्दश ॥
अलम्बुसा, कुरु, विश्वोदरा, पयस्विनी, शंखिनी और गान्धारी - ये चौदह नाड़ियाँ प्रमुख मानी गयी है।
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