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जाबाल दर्शन • अध्याय 4 • श्लोक 36
यशस्विन्या मुनिश्रेष्ठ भगवान्भास्करस्तथा। अलम्बुसाया अम्ब्यात्मा वरुणः परिकीर्तितः ।।
हे श्रेष्ठ मुने! भगवान् भास्कर यशस्विनी नाड़ी के देवता हैं। अलम्बुसा नाड़ी के देवता भी जलस्वरूप वरुण कहे गये हैं।
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