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जाबाल दर्शन • अध्याय 4 • श्लोक 34
सुषुम्नायाः शिवो देव इडाया देवता हरिः । पिङ्गलाया विरञ्चिः स्यात्सरस्वत्या विराण्मुने ।।
हे मुनीश्वर! सुषुम्ना नाड़ी के अधिष्ठाता देव शिव और इड़ा के देवता विष्णु तथा पिङ्गला नाड़ी के देवता भगवान् ब्रह्माजी हैं।
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